Radio D | जर्मन सीखिए | Deutsche Welle

पाउला और फिलिप रहस्य से भरे मामलों की जांच पड़ताल कर रहे हैं. इस संपादकों के साथ जर्मनी में घूमिए और इस दौरान जर्मन भी सीखिए. इस कोर्स में विशेष ज़ोर सुन कर समझने पर दिया गया है.

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पाउला और फिलिप रहस्य से भरे मामलों की जांच पड़ताल कर रहे हैं. इस संपादकों के साथ जर्मनी में घूमिए और इस दौरान जर्मन भी सीखिए. इस कोर्स में विशेष ज़ोर सुन कर समझने पर दिया गया है.
Language
🇮🇳 Hindi
last modified
2019-01-11 16:58
last episode published
2011-03-08 11:24
publication frequency
3.51 days
Contributors
DW.COM | Deutsche Welle author   owner  
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false
Number of Episodes
26
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Education K-12 Higher Education Language Courses

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Episodes

Date Thumb Title & Description Contributors
8.03.2011

अध्याय 26: आइहान की विदाई

उदास कर देने वाली एक खबर: आइहान विदा ले रहे हैं, वे तुर्की चले जाएंगे. हालांकि उसे अचरज में डालने के लिए सहकर्मियों ने तैयारी की है, विदाई के समारोह में उदासी छाई रहती है.
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12.12.2010

अध्याय 25: जहाजों का स्वागत

दोनों संपादक getürkt (गेटूर्क्ट) शब्द का आशय समझने की कोशिश करते हैं. वे एक खास गोदी में पहुंचते हैं, जहां कुछ खास तरीके से हर जहाज का स्वागत किया जाता है.
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12.12.2010

अध्याय 24: डी हाम्बुर्गर त्साइटुंग

उल्लू ओयलालिया दोनों संपादकों को खोज के लिए सही रास्ते पर ले आती है. उन्हें पता चलता है कि इसके पीछे डी हाम्बुर्गर त्साइटुंग अख़बार के सहकर्मियों का हाथ है. फिलिप की एक टिप्पणी से पाउला नाराज हो जाती है.
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12.12.2010

अध्याय 23: शार्क के डैनों वाला गोताखोर

पाउला और फिलिप कथित शार्क की पहेली सुलझा लेते हैं और फिर एक धोखे का पर्दाफाश करते हैं. शुरू में उन्हें समझ में नहीं आता कि ऐसा क्यों किया गया? उल्लू ओयलालिया अप्रत्याशित रूप से उनकी मदद करती है.
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12.12.2010

अध्याय 22: गायब सर्फर

फिलिप और पाउला शार्क के बारे में पता लगाने के लिए निकल पड़ते हैं. उन्हें एक अजीब बात का पता चलता है: गोदी में सर्फर के बिना एक सर्फबोर्ड और अख़बार में छपे एक अजीब लेख पर उनकी नजर पड़ती है.
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12.12.2010

अध्याय 21: हैम्बर्ग में एक शार्क

राडियो डी के दफ्तर में बेहद गर्मी के बीच समुद्र के किनारे खोजबीन का काम बहुत प्यारा लगता है. पाउला और फिलिप हैम्बर्ग के लिए रवाना होते हैं. वहां गोदी के इलाके में एक शार्क अपने नजारे दिखा रही है.
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12.12.2010

अध्याय 20: श्रोता सर्वेक्षण

पाउला और फिलिप श्रोताओं से उनकी राय पूछते हैं. कार्यक्रम का विषय है: क्या झूठ बोलना पाप है? यहां श्रोता अनाज के नकली घेरों के बारे में बात कर सकते हैं और किसानों पर अपनी राय दे सकते हैं.
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12.12.2010

अध्याय 19: धोखे का पर्दाफाश

हालांकि किसानों ने खेत में घेरे बनाए थे, ओयलालिया को यूएफओ के अस्तित्व में पूरा विश्वास है. धोखे के बारे में गांव के लोगों के बीच जांच करते हुए पाउला और फिलिप पब में पहुंचते हैं.
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12.12.2010

अध्याय 18: रात का निरीक्षण

पाउला और फिलिप घेरों के रहस्य का पता लगाना चाहते हैं और खेत की जांच करते हैं. जो कुछ उन्हें मिलता है, उससे लगता नहीं कि यहां अंतरिक्ष से कोई आया था.
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12.12.2010

अध्याय 17: अनाज का घेरा

खेत में अनाज के रहस्यमय घेरों को देख कर पाउला और फिलिप के मन में एक विचार आता है. क्या यह अंतरिक्ष के जीव यूएफओ के उतरने की जगह थी या कोई पैसे कमाने के लिए दर्शकों को आकर्षत करने की कोशिश कर रहा था?
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12.12.2010

अध्याय 16: इकारूस

दोनों पत्रकार ग्रीक दंतकथा के दुखांत नायक इकारूस से मुग्ध हैं. क्या श्रोताओं को पता है कि इकारूस कौन थे? पाउला और फिलिप पता लगाते हैं और उसकी कहानी सुनाते हैं.
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12.12.2010

अध्याय 15: कार्नेवाल के भेष

दोनों संपादक पाउला और फिलिप फिर एक बार सड़क से कार्नेवाल की रिपोर्ट दे रहे हैं. उन्हें तरह तरह के भेष दिखते हैं और साथ ही अलग अलग स्थानीय जर्मन बोलियों का भी पता चलता है.
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12.12.2010

अध्याय 14: श्वार्त्जवाल्ड की चुड़ैलें

शंकाओं के विपरीत फिलिप श्वार्त्जवाल्ड से बड़े आराम से रिपोर्ट भेजता है और कार्नेवाल के मस्त माहौल में वह रंग जाता है. लेकिन उसकी सहकर्मी पाउला को इन रिवाजों से परेशानी होती है.
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10.12.2010

अध्याय 13: गुलाबी सोमवार यानी रोजेनमोनटाग

कार्नेवाल के लिए उत्साह के मामले में राडियो डी का संपादकीय विभाग बंटा हुआ है. एक खोजबीन के मामले में दोनों संपादकों को कार्नेवाल के इलाके श्वार्त्जवाल्ड जाना है और यह जानकर सभी खुश नहीं हैं.
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10.12.2010

अध्याय 12: श्रोताओं के पत्र

अगर कोई बात समझ में न आए, तो सवाल करना एक अच्छा तरीका है. प्रोफेसर पिछले अध्यायों में आए सवालों पर श्रोताओं को जवाब देते हैं: यह विषयों को दोहराने व समझ बढ़ाने का एक अच्छा मौका है.
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10.12.2010

अध्याय 11: बोलने वाली मादा उल्लू

यह नाम ओयलालिया कहां से आई ? आइहान और योजेफिन इसका अर्थ ढूंढ़ते हैं और उन्हें कई जवाब मिलते हैं. एक स्पेनी सहकर्मी उनकी मदद करता है, जिसे उल्लू के आने का पता चला था.
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10.12.2010

अध्याय 10: राजा लुडविष के साथ इंटरव्यू

फिलिप म्युजिकल (संगीतमयी नाटक) में राजा की भूमिका निभाने वाले अभिनेता से मिलता है और एक इंटरव्यू के लिए अनुरोध करता है. अचानक उसे उनकी आवाज पहचानी सी लगती है. इसी बीच संपादकीय विभाग में एक अप्रत्याशित मेहमान आते हैं.
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10.12.2010

अध्याय 9: लुडविष के लिए संगीत

अपरिचित व्यक्ति का रहस्य सुलझाने के लिए फिलिप को भी एक सुराग मिलता है: अखबार में उसे राजा लुडविष के बारे में एक म्यूजिकल (संगीतमयी नाटक) का विज्ञापन मिलता है. वहां जाते हुए वह दुनिया भर के सैलानियों से इंटरव्यू करता है.
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10.12.2010

अध्याय 8: अज्ञात व्यक्ति का पर्दाफाश

किले में राजा लुडविष होने का दावा करने वाले से पाउला और फिलिप सवाल करते हैं. फिर पाउला को संयोग से एक नई बात का पता चलता है. उसे अचानक समझ में आ जाता है कि यह रहस्यमय व्यक्ति कौन है.
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10.12.2010

अध्याय 7: परीकथा के राजा लुडविष

पाउला और फिलिप को बवेरिया रोमानी राजा लुडविष और उनकी पसंद नापसंद का पता चलता है. रात को स्की करना और जश्नों और अजीबोगरीब आविष्कारों के जरिए लुडविष और उनके दौर के बारे में जानकारी मिलती है.
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10.12.2010

अध्याय 6: राजा लुडविष की मौत कैसे हुई?

नोयश्वानश्टाइन किले में पाउला और फिलिप की मुलाकात एक रहस्यमय अपरिचित व्यक्ति के साथ होती है, जिसके बदन पर राजा लुडविष का लबादा है. दोनों लुडविष की मौत के बारे में खोजबीन करते हैं.
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10.12.2010

अध्याय 5: राजा लुडविष जिंदा हैं

दफ्तर में पाउला और आइहान अपने नए सहकर्मी का स्वागत करते हैं. संपादकों को तुरंत काम सौंपा जाता है: कहा जा रहा है कि बवेरिया के दिवंगत राजा लुडविष अब भी जिंदा हैं. इलाके में खोजबीन के जरिये सच्चाई का पता लगाना है.
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10.12.2010

अध्याय 4: नये सहकर्मी का इंतजार

संपादन विभाग में फिलिप का इंतजार हो रहा है. उसके भावी साथी पाउला और आइहान उसकी राह देख रहे हैं. लेकिन फिलिप का कोई अता पता नहीं और टेलीफोन पर भी बात नहीं हो पाती है.
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10.12.2010

अध्याय 3: बर्लिन की यात्रा

फिलिप बर्लिन के लिए रवाना हो जाता है. लेकिन यह उतना आसान नहीं है, जितना उसने सोचा था. उसे मौसम के थपेड़े झेलने पड़ते हैं. और इस दौरान कुछ एक लोगों से परिचय होता है.
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10.12.2010

अध्याय 2: राडियो डी का टेलीफोन

फिलिप को चैन नहीं मिलता. तंग करने वाले कीड़ों के बाद अब वह पड़ोसियों के घर में झगड़े से परेशान है. बर्लिन से अचानक आए एक टेलीफोन की वजह से उसे सब कुछ छोड़ छाड़कर वापस जाना पड़ता है. फिलिप को राडियो डी में पहुंचना है.
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10.12.2010

अध्याय 1: ग्रामीण इलाके की यात्रा

नौजवान फिलिप कार से ग्रामीण क्षेत्र की यात्रा पर है. अपनी मां हान्ने के पास जाने का मतलब आराम तो है, लेकिन जल्द ही उसे देहाती इलाके की कठिनाइयों की भी जानकारी मिलती है.
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